- स्वस्ति वाचन के साथ खुले सभा मंडप के रजत पट: जल-पंचामृत अभिषेक के बाद महा निर्वाणी अखाड़े ने चढ़ाई भस्म, गूंजा ‘जय श्री महाकाल’
- महाकाल के पट खुले, भस्म से हुआ दिव्य श्रृंगार: सभा मंडप में स्वस्ति वाचन के बाद घंटी बजाकर ली गई आज्ञा
- तराना में दो दिन हिंसा और तनाव के बाद हालात सामान्य: आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ में बसें-कारें जलीं, 19 गिरफ्तार; पुलिस तैनाती जारी
- 77वें गणतंत्र दिवस के लिए उज्जैन तैयार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव फहराएंगे तिरंगा, कार्तिक मेला ग्राउंड में पहली बार होगा जिला स्तरीय आयोजन
- महाकाल मंदिर में शनिवार तड़के खुले पट, भस्म आरती में साकार रूप में दिए बाबा ने दर्शन
विक्रम विवि : पांच साल में बढ़े 30 हजार विद्यार्थी, परीक्षाएं दो माह लेट
उज्जैन । विक्रम यूनिवर्सिटी में पिछले पांच सालों में विद्यार्थियों की संख्या तो बढ़ी लेकिन परीक्षा संचालन आैर रिजल्ट की व्यवस्थाएं बेपटरी हो गई। नतीजा कई कोर्सेस में विद्यार्थी पिछड़ गए हैं। बीते पांच सालों के आंकड़ों पर गौर करें तो विद्यार्थियों की संख्या में 40 फीसदी का इजाफा हुआ परंतु यूनिवर्सिटी प्रशासन समय पर परीक्षाएं कराने आैर नतीजे देने के मामले में कई कोर्सेस में पीछे चल रहा है। पाठ्यक्रमों के आधार पर इसकी वजह भी अलग-अलग है लेकिन इन व्यवस्थाओं के बीच विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं। कई कोर्सेस में एक साल में दो सेमेस्टर पूरे करने का सपना भी अब भी सैकड़ों विद्यार्थियों के लिए अधूरा है। रिजल्ट प्रोसेसिंग करने वाली कंपनियों में बदलाव, रिजल्ट में देरी, कई कोर्सेस में एक ही विषय में विद्यार्थियों के फेल होने के मामले परीक्षा में देरी के सबसे बड़े कारण हैं। जिम्मेदारों का कहना है परीक्षा संचालन आैर समय पर रिजल्ट देने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
परीक्षा संचालन एवं परीक्षा परिणाम समयबद्ध
प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों की तुलना में विक्रम यूनिवर्सिटी में परीक्षा संचालन एवं परीक्षा परिणाम समयबद्ध है। अपरिहार्य कारणों से कुछ परीक्षाओं में विलंब हो सकता है। उन्हें भी समय पर लाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
– प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा, कुलानुशासक, विक्रम यूनिवर्सिटी